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ॐ दिगम्बरप्रियाय नमः

दिगम्बरप्रियः

Digambarapriyaḥ

Root: digambara + priya

Liberation·मोक्ष
Meaning

अर्थ

The one who loves the sky-clad, who is especially dear to those who have taken the path of the digambara, wearing only the infinite sky as their garment

दिगम्बरों के प्रिय, जो उन लोगों के विशेष प्रिय हैं जिन्होंने दिगम्बर का मार्ग लिया है और केवल अनन्त आकाश को अपने वस्त्र के रूप में पहनते हैं

Word-by-Word Breakdown

शब्द-दर-शब्द विश्लेषण

दिगम्बर

sky-clad, wearing the sky as garment

दिगम्बर, आकाश-वस्त्र

प्रिय

dear, beloved

प्रिय

Modern Context

आधुनिक संदर्भ

दिगम्बरप्रिय दत्तात्रेय को भारत की अनुष्ठानिक नग्नता की दो महान परम्पराओं से जोड़ता है: दिगम्बर जैन (दो प्रमुख जैन सम्प्रदायों में से एक, जिनके भिक्षु अपरिग्रह के परम कथन के रूप में कोई कपड़े नहीं पहनते) और नागा शैव साधु। दत्तात्रेय स्वयं नाथ परम्परा में अक्सर दिगम्बर के रूप में चित्रित होते हैं। दिगम्बर सिद्धान्त सर्वधर्मसमभावी है: जैन और शैव परम्पराएँ सहमत हैं कि अन्तिम स्वतन्त्रता के लिए शरीर के सामाजिक वस्त्र को भी त्यागना होगा।

When to Chant

कब जपें

Chant when honouring the Digambara Jain tradition and the Naga Shaiva tradition, whose radical nudity declares total freedom from all material identity.

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