ॐ हंसाय नमः
हंसः
Haṃsaḥ
Root: haṃsa
अर्थ
The swan, the liberated sage who moves with perfect grace between two worlds as the mythic hamsa moves between water and sky
हंस, वह मुक्त ऋषि जो दो संसारों के बीच उस तरह पूर्ण कृपा से चलते हैं जैसे पौराणिक हंस जल और आकाश के बीच चलता है
शब्द-दर-शब्द विश्लेषण
हंस
swan, the liberated one
हंस
आधुनिक संदर्भ
हंस दत्तात्रेय को सीधे हंस नाम देता है। हंस भारतीय आध्यात्मिक परम्परा में सबसे प्रिय प्रतीकों में से एक है। सोऽहम्-हंस मन्त्र (श्वास-मन्त्र 'मैं वह हूँ') भारतीय परम्परा का सबसे सार्वभौमिक रूप से सुलभ मन्त्र है। उपनिषदों में हंस स्वतन्त्र उड़ने वाला आत्मन् है। दत्तात्रेय हंस के रूप में यह आत्मन्-हंस हैं: वह शुद्ध चेतना जो शरीर-संसार में निवास करती है जबकि उससे अप्रभावित रहती है।
कब जपें
ॐChant when the mind rests in pure awareness like a swan resting on still water, or when honoring Dattatreya as the supreme hamsa whose discrimination is perfect.
और मोक्ष नाम
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