ॐ त्रिगुणातीतगुणाय नमः
त्रिगुणातीतगुणः
Triguṇātītaghuṇaḥ
Root: tri + guṇa + atīta + guṇa
अर्थ
The one who has transcended the three gunas, whose quality of gunatitata is itself the highest quality: being beyond all qualities
जिन्होंने तीन गुणों का अतिक्रमण किया है, जिनकी गुणातीतता स्वयं सर्वोच्च गुण है: सभी गुणों से परे होना
शब्द-दर-शब्द विश्लेषण
त्रि
three
तीन
गुण
quality
गुण
अतीत
transcended
अतीत
आधुनिक संदर्भ
त्रिगुणातीतगुण विरोधाभास व्यक्त करता है: दत्तात्रेय में तीनों गुणों से परे होने का 'गुण' है। भगवद्गीता (14.19-26) गुणातीत को सर्वोच्च अवस्था बताती है। कृष्ण (14.20) कहते हैं: 'जब देहधारी इन तीन गुणों का अतिक्रमण करता है, जन्म, मृत्यु, बुढ़ापे और दुःख से मुक्त होकर, वह अमरत्व प्राप्त करता है।' यही दत्तात्रेय की स्थिति है। सहस्रनाम का अपना अस्तित्व त्रिगुणातीतगुण सिद्धान्त की अभिव्यक्ति है।
कब जपें
ॐChant when studying the Gita's teaching on gunatita, or when recognising that Dattatreya's highest quality is his transcendence of all qualities.
और मोक्ष नाम
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