ॐ विद्यारूपाय नमः
विद्यारूपः
Vidyārūpaḥ
Root: vidyā + rūpa
अर्थ
The form of sacred knowledge, the embodiment of vidya that dissolves avidya with its very presence
पवित्र ज्ञान का स्वरूप, विद्या का अवतरण जो अपनी उपस्थिति से ही अविद्या को विलीन करता है
शब्द-दर-शब्द विश्लेषण
विद्या
sacred knowledge, wisdom
विद्या
रूप
form, embodiment
रूप
आधुनिक संदर्भ
विद्यारूप दत्तात्रेय को विद्या (पवित्र ज्ञान) के रूप (रूप) नाम देता है। यह ज्ञानमूर्ति (नाम 332) के समानान्तर है। अन्तर: विद्या पवित्र सीखने की पूरी प्रक्रिया को समेटती है अपने प्रारम्भ (श्रवण/सुनना) से अपने मध्य (मनन/चिन्तन) से अपनी पूर्णता (निदिध्यासन/ध्यान) तक। भारत की पारम्परिक शैक्षणिक आदर्श में 'गुरुकुल' प्रणाली ने छात्र को गुरु के घर में रखा ठीक इसलिए ताकि छात्र उसके अवतरित रूप के साथ निकटता के माध्यम से विद्या को अवशोषित कर सके।
कब जपें
ॐChant when approaching Dattatreya as the personification of sacred knowledge, or when recognising that genuine learning is a form of approaching the Vidyārūpa.
और विद्या नाम
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