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ॐ संसाराणवतारकाय नमः

संसाराणवतारकः

Saṃsārāṇavatārakaḥ

Root: saṃsāra + arṇava + tāraka

Liberation·मोक्ष
Meaning

अर्थ

The one who helps cross the ocean of worldly existence, the divine ferryman who carries sincere devotees from the shore of bondage to the shore of liberation

संसार के सागर को पार कराने वाले, वह दिव्य नाविक जो सच्चे भक्तों को बन्धन के किनारे से मुक्ति के किनारे तक ले जाते हैं

Word-by-Word Breakdown

शब्द-दर-शब्द विश्लेषण

संसार

worldly existence, cycle of birth and death

संसार

अर्णव

ocean, vast expanse

अर्णव, सागर

तारक

one who helps cross

तारक

Modern Context

आधुनिक संदर्भ

संसाराणवतारक संसार के लिए अर्णव (सागर, विशाल विस्तार) के विशिष्ट रूपक का उपयोग करता है। दत्तात्रेय संसाराणवतारक के रूप में वह सागर-जानने वाले नाविक हैं जो दोनों किनारों को जानते हैं। भारत की नदी-आधारित भूगोल में, पार करने का रूपक गहराई से महसूस होता है। गाणगापुर या गिरनार की हर दत्त तीर्थयात्रा भक्त द्वारा इस संसाराणवतारक पार करने को मूर्त रूप देना है।

When to Chant

कब जपें

Chant when the vastness of the worldly ocean feels overwhelming, asking the divine ferryman to take charge of the crossing.

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