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नागर खण्ड

नागर खण्ड

Nagara Khanda

279 अध्याय · 14,890 श्लोक

नागर खण्ड नागर ब्राह्मण समुदाय के पवित्र क्षेत्र हाटकेश्वर का महिमा-ग्रन्थ है। इसका आरम्भ हाटकेश्वर लिंग के उद्गम तथा त्रिशंकु-हरिश्चन्द्र-विश्वामित्र चक्र से होता है, तत्पश्चात् यह लगभग तीन सौ अध्यायों में क्षेत्र भर में स्थापित तीर्थों, लिंगों, तथा उनकी उद्गम-कथाओं की एक विशाल सूची में विस्तृत होता है — वृत्र-वध, विश्वामित्र-मेनका प्रसंग, अगस्त्य का आश्रम, एक क्षेत्र में एकत्रित अड़सठ तीर्थ, तथा ऋषियों, राजाओं, एवं दानवों से जुड़ी दर्जनों व्यक्तिगत तीर्थ-कथाएँ। प्रमुख कथा-सूत्र इसमें व्याप्त हैं: दमयन्ती तथा साम्ब प्रसंग, इक्कीस नरकों पर भीष्म-युधिष्ठिर संवाद, श्राद्ध (पितृ-अनुष्ठान) तथा सच्छूद्र हेतु अपेक्षित वर्णानुकूल आचरण का एक विस्तृत धर्मशास्त्र-विवेचन, चातुर्मास्य व्रत-चक्र, शालग्राम शिला तथा पवित्र वृक्षों (अश्वत्थ, बिल्व, तुलसी) की महिमा, तथा — इसके अंतिम भाग में — राजा इन्द्रद्युम्न की विस्मृत ख्याति को पुनःस्थापित करने वाले सप्त दीर्घजीवी साक्षियों, द्वादश आदित्यों, तथा एकादश रुद्रों का उद्गम। यह खण्ड, अपने विश्वकोशीय विस्तार हेतु उपयुक्त रूप से, स्वयं पुराण-श्रवण के पुण्य पर समाप्त होता है।

अध्याय सूची

1हाटकेश्वर क्षेत्र में लिङ्गोत्पत्ति72 श्लोक2त्रिशंकु की कथा23 श्लोक3हरिश्चन्द्र का राज्य-लाभ36 श्लोक4विश्वामित्र द्वारा त्रिशंकु-याजन का आरम्भ71 श्लोक5त्रिशंकु के स्वर्गारोहण हेतु द्वादशवार्षिक यज्ञ28 श्लोक6विश्वामित्र की वरलब्धि18 श्लोक7त्रिशंकु की स्वर्गप्राप्ति19 श्लोक8वृत्रवध वर्णन134 श्लोक9नागबिल-पूर्ति वर्णन48 श्लोक10राजा चमत्कार की कुष्ठ-निवृत्ति (शंखतीर्थ माहात्म्य)24 श्लोक11शंखतीर्थ एवं ब्राह्मणों को नगरदान70 श्लोक12पुत्रों को उपदेश14 श्लोक13अचलेश्वर की महिमा40 श्लोक14चमत्कारपुर-प्रदक्षिणा की महिमा42 श्लोक16रक्तशृंग-सांनिध्य-सेवन का फल11 श्लोक17विदूरथ की मृगया22 श्लोक18विदूरथ का आश्रम-आगमन107 श्लोक19पितृकूपिका तीर्थ की महिमा37 श्लोक20बालमंडन तीर्थ की महिमा81 श्लोक21बालसख्यतीर्थमाहात्म्य86 श्लोक22बालमण्डनतीर्थमाहात्म्य56 श्लोक23मृगतीर्थमाहात्म्य21 श्लोक24विष्णुपदीतीर्थोत्पत्तिवर्णन36 श्लोक25विष्णुपदीगङ्गामाहात्म्यवर्णन46 श्लोक26गोकर्णतीर्थमाहात्म्यवर्णन98 श्लोक27चतुर्युगस्वरूपवर्णन101 श्लोक28हाटकेश्वरक्षेत्रे सर्वतीर्थसमाश्रयवर्णन26 श्लोक29षडक्षरमन्त्रमाहात्म्ये सिद्धेश्वरमाहात्म्यवर्णन259 श्लोक30सिद्धेश्वरोत्पत्तिवृत्तान्तवर्णन20 श्लोक31नागह्रद माहात्म्य वर्णन118 श्लोक32सप्तर्ष्याश्रम माहात्म्य वर्णन100 श्लोक33अगस्त्याश्रम माहात्म्य वर्णन50 श्लोक34देवासुरसंग्राम वर्णन35 श्लोक35अगस्त्यकृत समुद्रप्राशन एवं चित्रेश्वरपीठ वरप्रदान वर्णन59 श्लोक36चित्रेश्वरीपीठ माहात्म्य वर्णन60 श्लोक37दुःशीलाख्य प्रासाद उत्पत्ति वर्णन48 श्लोक38धुन्धुमारेश्वर माहात्म्य वर्णन15 श्लोक39ययातीश्वर माहात्म्य वर्णन15 श्लोक40चित्रशिला माहात्म्य वर्णन68 श्लोक41जलशायी की उत्पत्ति का वर्णन54 श्लोक42विश्वामित्र-मेनका समागम का वर्णन41 श्लोक43विश्वामित्र-मेनका संवाद का वर्णन11 श्लोक44विश्वामित्रेश्वर माहात्म्य का वर्णन29 श्लोक45त्रिपुष्कर माहात्म्य का वर्णन73 श्लोक46सरस्वती तीर्थ माहात्म्य का वर्णन45 श्लोक47महाकालेश्वर माहात्म्य का वर्णन72 श्लोक48उमामहेश्वर की उत्पत्ति के माहात्म्य का वर्णन48 श्लोक49कलशेश्वर आख्यान में कलश नृप को दुर्वासा के शाप से व्याघ्र-रूप प्राप्ति का वर्णन26 श्लोक50कलशेश्वर माहात्म्य में गौ-व्याघ्र संवाद का वर्णन28 श्लोक51राजा कलश की मुक्ति और कलशेश्वर माहात्म्य91 श्लोक52रुद्रकोटि माहात्म्य30 श्लोक53भ्रूणगर्ता माहात्म्य और राजा सौदास की मुक्ति102 श्लोक54नल द्वारा स्थापित चर्ममुण्डा माहात्म्य33 श्लोक55नलेश्वर माहात्म्य21 श्लोक56सांबादित्य माहात्म्य28 श्लोक57भीष्म की तीर्थयात्रा और चमत्कारपुर के मंदिर46 श्लोक58शिवगंगा माहात्म्य13 श्लोक59विदुर द्वारा निर्मित देवप्रासाद और विदुरेश्वर माहात्म्य33 श्लोक60माहित्था और नरादित्य माहात्म्य25 श्लोक61विषकन्या की उत्पत्ति32 श्लोक62शर्मिष्ठा-तीर्थ का माहात्म्य95 श्लोक63सोमेश्वर-लिंगों की उत्पत्ति61 श्लोक64चमत्कारी देवी का माहात्म्य36 श्लोक65शूद्र और प्रेतों की मुक्ति69 श्लोक66जमदग्नि-वध61 श्लोक67सहस्रार्जुन-वध40 श्लोक68परशुराम का महीदान और समुद्र-अपसरण18 श्लोक69रामह्रद-माहात्म्य26 श्लोक70कार्तिकेय की उत्पत्ति68 श्लोक71स्कन्दस्थापितशक्तिमाहात्म्यवर्णनम्44 श्लोक72धृतराष्ट्रादिकृतहाटकेश्वरक्षेत्रदर्शनवर्णनम्28 श्लोक73धृतराष्ट्रादिकृतप्रासादस्थापनोद्यमवर्णनम्47 श्लोक74कौरवपाण्डवयादवकृतलिंगप्रतिष्ठावृत्तांतवर्णनम्16 श्लोक75यज्ञभूमिमाहात्म्यवर्णनम्10 श्लोक76मुंडीरकालप्रियमूलस्थानप्रतिष्ठावर्णनम्75 श्लोक77हराश्रयवेदिकामाहात्म्यवर्णनम्75 श्लोक78रुद्रशीर्ष (जागेश्वर) माहात्म्यवर्णनम्59 श्लोक79वालखिल्याश्रममाहात्म्यकथनम्54 श्लोक80सुपर्णाख्यमाहात्म्ये विष्णुदर्शनमाहात्म्यवर्णनम्57 श्लोक81सुपर्णपक्षपात-वर्णन40 श्लोक82सुपर्णेश्वर-माहात्म्य-वर्णन35 श्लोक83सुपर्णाख्य-माहात्म्य-वर्णन30 श्लोक84माधवी की तपश्चर्या और सुभद्रात्व-प्राप्ति25 श्लोक85महालक्ष्मी-माहात्म्य-वर्णन16 श्लोक86सप्तविंशतिका-माहात्म्य-वर्णन24 श्लोक87सोमप्रासाद-माहात्म्य-वर्णन24 श्लोक88अम्बावृद्धा-माहात्म्य-वर्णन65 श्लोक89श्रीमातुः पादुका-माहात्म्य-वर्णन47 श्लोक90वसोर्धारा-माहात्म्य-वर्णन82 श्लोक91अग्नितीर्थ की उत्पत्ति का वर्णन11 श्लोक92ब्रह्मकुण्ड माहात्म्य का वर्णन27 श्लोक93गोमुख तीर्थ माहात्म्य का वर्णन50 श्लोक94लोहयष्टि माहात्म्य का वर्णन27 श्लोक95अजापालेश्वरी माहात्म्य का वर्णन93 श्लोक96दशरथ-शनैश्चर संवाद का वर्णन42 श्लोक97दशरथ द्वारा तपस्या हेतु उद्योग का वर्णन46 श्लोक98राजस्वामी-राजवापी माहात्म्य का वर्णन25 श्लोक99श्रीराम के समक्ष दुर्वासा के आगमन का वर्णन46 श्लोक100लक्ष्मण-निर्वाण के पश्चात् श्रीराम के सुग्रीव-नगरी गमन का वर्णन72 श्लोक101सेतु के मध्य श्रीराम द्वारा रामेश्वर-प्रतिष्ठा का वर्णन44 श्लोक102हाटकेश्वर-क्षेत्र में श्रीरामचन्द्र द्वारा लक्ष्मणेश्वर आदि पंच प्रासादों के निर्माण एवं प्रतिष्ठा का वर्णन22 श्लोक103आनर्तक तीर्थ-कूपिका का माहात्म्य-वर्णन110 श्लोक104कुशेश्वर एवं लवेश्वर की प्रतिष्ठा का वर्णन126 श्लोक105राक्षस-लिंगों द्वारा विनाश का वर्णन9 श्लोक106लुप्त तीर्थों के माहात्म्य का कथन35 श्लोक107ब्राह्मण चित्रशर्मा द्वारा लिंग-स्थापना का वृत्तांत-वर्णन77 श्लोक108अष्टषष्टि तीर्थों का वर्णन40 श्लोक109अष्टषष्टि तीर्थों के अधिष्ठाता देवों का कथन25 श्लोक110अष्टषष्टि तीर्थों के सार एवं हाटकेश्वर की सर्वोच्चता का वर्णन13 श्लोक111ब्राह्मण-शाप से दमयन्ती की शिलात्व-प्राप्ति94 श्लोक112ऊषर भूमि की उत्पत्ति का माहात्म्य-कथन27 श्लोक113त्रिजातक-विशुद्धि हेतु अग्निकुण्ड-माहात्म्य-वर्णन106 श्लोक114नगर-संज्ञा की उत्पत्ति का वर्णन94 श्लोक115भर्तृयज्ञकृत-यज्ञविधान एवं मुनि-गोत्र-वर्णन51 श्लोक116अम्बारेवती-तीर्थ-माहात्म्य-वर्णन58 श्लोक117भट्टिका-तीर्थ-उत्पत्ति-माहात्म्य-कथन80 श्लोक118क्षेमंकरी-रैवतेश्वर-तीर्थ-उत्पत्ति-माहात्म्य-वर्णन34 श्लोक119देवसेना-पराजय-वर्णन75 श्लोक120कात्यायनी-उत्पत्ति-वर्णन24 श्लोक121महिषासुर-पराजय एवं कात्यायनी-माहात्म्य का वर्णन86 श्लोक122केदार-उत्पत्ति का वर्णन65 श्लोक123शुक्लतीर्थ-माहात्म्य का वर्णन56 श्लोक124मुखारतीर्थ-उत्पत्ति (वाल्मीकि) का वर्णन92 श्लोक125सत्यसंध-नृपति-वृत्तांत का वर्णन95 श्लोक126सत्यसंधेश्वर-माहात्म्य का वर्णन34 श्लोक127कर्णोत्पला-तीर्थ-माहात्म्य का वर्णन33 श्लोक128अटेश्वर-उत्पत्ति-माहात्म्य का वर्णन56 श्लोक129याज्ञवल्क्याश्रम-माहात्म्य का वर्णन73 श्लोक130पञ्चपिण्डा-गौरी-उत्पत्ति का वर्णन63 श्लोक131ईशान की उत्पत्ति और वररुचि द्वारा स्थापित गणपति की महिमा54 श्लोक132वास्तुपुरुष की उत्पत्ति और वास्तुपद तीर्थ की महिमा40 श्लोक133अजागृह देवी और रोगनाशक कुण्डों की उत्पत्ति66 श्लोक134कामदेव का शाप तथा खण्डशिला और सौभाग्यकूप की उत्पत्ति79 श्लोक135दीर्घिका का पातिव्रत्य तथा माण्डव्य का शाप और मुक्ति96 श्लोक136माण्डव्य का धर्मराज को शाप और दीर्घिका तीर्थ के वरदान30 श्लोक137मुनि माण्डव्य के शूली पर चढ़ाए जाने की कथा12 श्लोक138धर्मराजेश्वर की उत्पत्ति और धर्मराज का विदुर रूप में जन्म18 श्लोक139धर्मराजेश्वर का माहात्म्य: शोकाकुल ब्राह्मण का शाप64 श्लोक140धर्मराज-पुत्र युधिष्ठिर की उत्पत्ति8 श्लोक141मिष्टान्नदेश्वर माहात्म्य59 श्लोक142गणपतित्रय उत्पत्ति माहात्म्य42 श्लोक143जाबालि-शाप माहात्म्य52 श्लोक144चित्रांगदेश्वर-फलवती-जाबाल्याख्यान164 श्लोक145अमरेश्वर माहात्म्य48 श्लोक146त्रयस्त्रिंश-देवनाम-वर्णन13 श्लोक147व्यास-शुक-संवाद67 श्लोक148वटिकेश्वर माहात्म्य14 श्लोक149अन्धकासुरवध-केलीश्वरीप्रादुर्भाव-वर्णन101 श्लोक150केलीश्वरी माहात्म्य30 श्लोक151अन्धक की शूलाग्र-सिद्धि और भैरव-कृपा61 श्लोक152अर्जुन-प्रतिष्ठित चक्रपाणि-माहात्म्य47 श्लोक153रूपतीर्थ तथा अप्सरःकुण्ड की उत्पत्ति54 श्लोक154चित्रेश्वरीपीठ-सिद्धि तथा हाटकेश्वरक्षेत्रमाहात्म्य का उपसंहार43 श्लोक155पुष्पादित्य-माहात्म्य तथा कृपण मणिभद्र का वृत्तान्त48 श्लोक156मणिभद्र की क्रूरता तथा पुष्प ब्राह्मण की विडम्बना52 श्लोक157सूर्य से पुष्प की वर-प्राप्ति51 श्लोक158मणिभद्र का निधन88 श्लोक159पुष्प की विभव-प्राप्ति11 श्लोक160पुष्प का रहस्योद्घाटन तथा हाटकेश्वर-क्षेत्र में शुद्धि का संकल्प27 श्लोक161पुष्पादित्यमाहात्म्यवर्णन19 श्लोक162पुरश्चरणसप्तमीव्रतविधानवर्णन77 श्लोक163ब्राह्मनागरोत्पत्तिवृत्तांतवर्णन39 श्लोक164नागरेश्वरनागरादित्यशाकम्भर्युत्पत्तिवर्णन48 श्लोक165अश्वतीर्थोत्पत्तिवर्णन37 श्लोक166परशुरामोत्पत्तिवर्णन48 श्लोक167विश्वामित्रराज्यपरित्यागवर्णन73 श्लोक168धारोत्पत्तिमाहात्म्यवर्णन56 श्लोक169धारानामोत्पत्तिवृत्तांतधारादेवीमाहात्म्यवर्णन36 श्लोक170धारातीर्थोत्पत्तिमाहात्म्यवर्णन14 श्लोक171वसिष्ठ-विश्वामित्र युद्ध में दिव्यास्त्र-निवर्तन28 श्लोक172सरस्वती-शाप-वृत्तांत वर्णन22 श्लोक173सरस्वती-शापमोचन तथा साभ्रमती-उत्पत्ति वर्णन16 श्लोक174पिप्पलाद-उत्पत्ति वर्णन98 श्लोक175याज्ञवल्क्येश्वर-उत्पत्ति-माहात्म्य वर्णन16 श्लोक176कंसारीश्वर-उत्पत्ति-माहात्म्य वर्णन25 श्लोक177पञ्चपिंडिका-गौरी-उत्पत्ति-माहात्म्य वर्णन (पद्मावती-वृत्तांत)69 श्लोक178पञ्चपिंडिका-गौरी-उत्पत्ति-माहात्म्य वर्णन (लक्ष्मी-व्रत-वृत्तांत)80 श्लोक179पुष्करत्रय-उत्पत्ति एवं यज्ञ-समारंभ वर्णन69 श्लोक180ऋत्विक्-नियोजन एवं यज्ञारंभ वर्णन39 श्लोक181गायत्रीविवाह एवं गायत्रीतीर्थ-माहात्म्य वर्णन77 श्लोक182रूपतीर्थोत्पत्तिपूर्वक प्रथम यज्ञदिवस वृत्तान्त वर्णन73 श्लोक183नागतीर्थोत्पत्तिमाहात्म्य वर्णन46 श्लोक184पिंगलोपाख्यान वर्णन42 श्लोक185षड्गुरूपाख्यान एवं यज्ञपुरुषवरप्रदान वर्णन120 श्लोक186अतिथिमाहात्म्य वर्णन22 श्लोक187राक्षसप्राप्यश्राद्ध वर्णन49 श्लोक188मातृगणगमन एवं सावित्रीदत्त-मातृगणशाप वर्णन83 श्लोक189औदुम्बर्युत्पत्तिपूर्वक प्राग्जन्म वृत्तान्त वर्णन29 श्लोक190ब्रह्मयज्ञावभृथ-यक्ष्मतीर्थोत्पत्तिमाहात्म्य वर्णन79 श्लोक191सावित्र्या यज्ञागमनकालिकोत्पातवर्णन14 श्लोक192सावित्रीमाहात्म्य वर्णन104 श्लोक193गायत्रीवरप्रदान वर्णन20 श्लोक194ब्रह्मज्ञान-प्राप्ति हेतु कुमारिकातीर्थद्वय एवं गर्तक्षेत्रस्थ पादुका का माहात्म्य-वर्णन62 श्लोक195छान्दोग्य ब्राह्मण की कन्या का वृत्तान्त-वर्णन36 श्लोक196दशार्णाधिपति बृहद्बल का आनर्तेश्वर की नगरी की ओर प्रयाण-वर्णन14 श्लोक197परावसु के प्रायश्चित्त-विधान का वृत्तान्त-वर्णन126 श्लोक198शूद्री-ब्राह्मणी तीर्थद्वय का माहात्म्य-वर्णन108 श्लोक199नागर अष्टकुल के श्रेष्ठत्व का वर्णन175 श्लोक200भर्तृयज्ञकृत नागर-ज्ञाति-मर्यादा का वर्णन37 श्लोक201नागर-प्रश्न-निर्णय का वर्णन42 श्लोक202भर्तृयज्ञ-वाक्य-निर्णय का वर्णन19 श्लोक203नागर-विशुद्धि-प्रकार का वर्णन17 श्लोक204शक्र-विष्णु संवाद में प्रेत-श्राद्ध का कथन37 श्लोक205शक्र-विष्णु संवाद में गया-श्राद्ध के फल का माहात्म्य-वर्णन15 श्लोक206बालमण्डन-तीर्थ का माहात्म्य-वर्णन172 श्लोक207इन्द्र का शाप और पंचरात्रोत्सव की उत्पत्ति78 श्लोक208अहिल्या की शुद्धि और हाटकेश्वर का प्राकट्य94 श्लोक209शंखेश्वर एवं शंखतीर्थ की उत्पत्ति88 श्लोक210नागवल्ली की उत्पत्ति और तांबूल-प्रायश्चित्त96 श्लोक211ब्राह्मणों के शासनपत्रों की पुनःस्थापना12 श्लोक212रत्नादित्य का माहात्म्य76 श्लोक213साम्ब की कथा और कुहरवास तीर्थ117 श्लोक214विश्वामित्र-प्रसंग में गणपति-पूजा-विधि72 श्लोक215श्राद्ध की आवश्यकता का प्रतिपादन61 श्लोक216श्राद्ध की उत्पत्ति139 श्लोक217श्राद्धार्ह-अनर्ह ब्राह्मणों तथा शुभ काल के निर्णय का वर्णन67 श्लोक218श्राद्ध के नियमों का वर्णन23 श्लोक219काम्य श्राद्ध का वर्णन24 श्लोक220गजच्छाया माहात्म्य का वर्णन76 श्लोक221सृष्टि के समय ब्रह्मा द्वारा उत्सृष्ट श्राद्धार्ह वस्तुओं की परिगणना का वर्णन58 श्लोक222चतुर्दशी-शस्त्रहत-श्राद्ध-निर्णय का वर्णन33 श्लोक223श्राद्धार्ह-अनर्ह ब्राह्मण एवं पुत्रादि का वर्णन18 श्लोक224श्राद्ध-विधि का वर्णन53 श्लोक225सपिंडीकरण विधि का वर्णन29 श्लोक226भीष्म-युधिष्ठिर संवाद में इक्कीस नरकों तथा उनकी यातनाओं के निवारण-उपाय का वर्णन84 श्लोक227नरकयातना-निरसनोपाय-वर्णन18 श्लोक228जलशाय्युपाख्याने ब्रह्मदत्तवरप्रदानोद्धतान्धकासुरकृतशंकराज्ञावमाननवर्णन43 श्लोक229भृंगीरिट्युत्पत्तिवर्णन30 श्लोक230वृकेन्द्रराज्यलंभनवर्णन22 श्लोक231जलशाय्युपाख्याने एकादशीव्रतमाहात्म्यवर्णन98 श्लोक232चातुर्मास्यव्रतनियमवर्णन39 श्लोक233ब्रह्मनारदसंवादे गंगोदकस्नानफलमाहात्म्यवर्णन36 श्लोक234ब्रह्मनारदसंवादे चातुर्मास्यनियमविधिमाहात्म्यवर्णन30 श्लोक235ब्रह्मनारदसंवादे चातुर्मास्यदानमहिमवर्णन34 श्लोक236ब्रह्मनारदसंवाद इष्टवस्तुपरित्यागमहिमवर्णन29 श्लोक237चातुर्मास्य-व्रत की महिमा का वर्णन27 श्लोक238चातुर्मास्य में तप की महिमा का वर्णन60 श्लोक239षोडशोपचार-पूजा एवं दीप-महिमा का वर्णन57 श्लोक240दीपदान से लेकर सायुज्य-चिंतन तक भक्ति का निरूपण22 श्लोक241सच्छूद्र के धर्म का वर्णन52 श्लोक242अठारह प्रकृतियों का कथन45 श्लोक243पैजवन की कथा एवं शालिग्राम-पूजन-माहात्म्य का वर्णन67 श्लोक244शालिग्राम की चौबीस मूर्तियों और नामों का वर्णन14 श्लोक245शिव-पार्वती विवाह एवं तारकासुर से पीड़ित देवों की व्यथा का वर्णन51 श्लोक246पार्वती द्वारा देवों को शाप एवं बिल्वपत्र-महिमा का वर्णन37 श्लोक247पैजवनोपाख्यान में अश्वत्थमहिमवर्णन43 श्लोक248पलाशमहिमवर्णन15 श्लोक249तुलसीमाहात्म्यवर्णन19 श्लोक250बिल्वोत्पत्तिवर्णन19 श्लोक251विष्णुशापवर्णन34 श्लोक252वृक्षमाहात्म्यकथन50 श्लोक253शंकरकृतपार्वत्यनुनय37 श्लोक254हरतांडवनर्त्तनवर्णन104 श्लोक255लक्ष्मीनारायणमहिमवर्णन31 श्लोक256रामनाममहिमवर्णन53 श्लोक257द्वादशाक्षर-मन्त्र-माहात्म्य तथा पार्वती के तपोव्रत का वर्णन26 श्लोक258हरशाप — दारुवन के ऋषियों द्वारा शिवलिंग-पतन का वर्णन49 श्लोक259अमरकण्टक में लिंग-स्थापन तथा नील वृषभ की स्तुति74 श्लोक260शालग्राम-कथानक का उपसंहार तथा श्रवणफल-वर्णन10 श्लोक261पार्वती को विष्णु-शिव-दर्शन, कार्तिकेय-मिलन तथा द्वादशाक्षर-ध्यानयोग का वर्णन64 श्लोक262द्वादशाक्षर-मन्त्र-न्यास तथा ज्ञानयोग-कथन80 श्लोक263कर्मयोग-उपदेश तथा मत्स्येन्द्रनाथ की उत्पत्ति का वर्णन62 श्लोक264तारकासुर-वध तथा कार्तिकेय का ज्ञानोपदेश41 श्लोक265भीष्मपंचक-व्रत तथा अशून्यशयन-व्रत का वर्णन39 श्लोक266शिवरात्रि-माहात्म्य-वर्णन88 श्लोक267सिद्धेश्वर में तुलापुरुषदान की महिमा39 श्लोक268गौतमेश्वर में पृथ्वीदान की महिमा40 श्लोक269वातकेश्वर क्षेत्र में कपालमोचनेश्वर की उत्पत्ति एवं महिमा151 श्लोक270कपालेश्वर में पापपिंडदान की विधि22 श्लोक271हाटकेश्वर में सप्तलिंग की उत्पत्ति456 श्लोक272युगों के स्वरूप का वर्णन58 श्लोक273युग-प्रमाण एवं कालगणना का वर्णन17 श्लोक274दुर्वासा-स्थापित शिवलिंग का दुःशीलेश्वर नाम प्राप्ति का वृत्तांत113 श्लोक275निम्बेश्वर एवं शाकंभरी की उत्पत्ति की महिमा8 श्लोक276एकादश रुद्रों की उत्पत्ति का वर्णन43 श्लोक277एकादश रुद्रों के समीप दान की महिमा13 श्लोक278द्वादश आदित्य एवं याज्ञवल्क्य का वृत्तांत140 श्लोक279पुराण-श्रवण की महिमा का वर्णन19 श्लोक